जयतु संस्कृतम् Subjective Queations

पंचादशः पाठ: जयतु संस्कृतम् (संस्कृत की जय हो) संस्कृत भाषा की विशेषताओं को लिखें। उत्तर- संस्कृत शुद्ध, सभ्‍य तथा देवभाषा है। यह कल्याणकारी है। यह सुन्दर राग, ताल और लययुक्‍त है। संस्कृत भाषा सरल एवं सुबोध है। यह सीखने में आसान है। अतः यह विशिष्ट भाषा है। हमें संस्कृत क्यों सीखना चाहिए? उत्तर- संस्कृत सीखने … Read more

वणिजः कृपणता Subjective Questions

चतुर्दशः पाठः वणिजः कृपणता (व्यापारी की कंजूसी) ‘वणिजः कृपणता’ पाठ में निहित संदेश को स्पष्ट करें। उत्तर- पाठ के माध्यम से बताया गया है कि ईमानदारी सर्वोतम नीति है। लोभ पाप का मूल है। व्यक्ति को संतोष सुखी बनाता है। अत्यधिक लोभ करने से एवं झूठ बोलने से व्यक्ति सबकुछ खो देता है। सत्यमार्ग पर … Read more

शुकेश्वराष्टकम् Subjective Questions

त्रयोदशः पाठः शुकेश्वराष्टकम् (शुकेश्वर अष्टक) शुकेश्वर महादेव के सुशोभित रूप का वर्णन करें। उत्तर- शुकश्वर तीन आँखों से युक्त हैं। गंगाजल से सदा सिर गीला रहता है। उनका वस्त्र गजचर्म है एवं हाथ में त्रिशुल धारण किये हुए हैं। द्वितीया के चन्द्रमा से शोभायमान भगवान शिव का रूप दिव्‍य है। ‘शुकश्वराष्टकम्’ में किसकी वन्दना की … Read more

स्वामिनः विवेकानन्दस्य व्यथा Subjective Questions

द्वादश: पाठ: स्वामिनः विवेकानन्दस्य व्यथा (स्वामी विवेकानन्द की व्यथा) 1893 ई0 में विश्व धर्म सम्मेलन कहाँ हुआ था? (2015A) उत्तर- अमेरिका के शिकागो शहर में हुआ था। अमेरिका प्रवास के दरम्यान रात्रि विश्राम के समय विवेकानन्द क्यों रोने लगे थे?  उत्तर- भोजनोपरान्त जब वे शयनकक्ष में सोने के लिए गए तब उन्हें अपने देश के … Read more