संस्कृत कक्षा 10 वृक्षै: समं भवतु मे जीवनम् ( मेरा जीवन वृक्ष के समान हो ) – Vrikshe Samam Bhavtu me Jeevnam in Hindi

vrikshe samam bhavtu me jeevnam

इस पोस्‍ट में हम बिहार बोर्ड के वर्ग 10 के संस्कृत द्रुतपाठाय (Second Sanskrit) के पाठ 8 (Vrikshe Samam Bhavtu me Jeevnam) “वृक्षै: समं भवतु मे जीवनम् (मेरा जीवन वृक्ष के समान हो)” के अर्थ सहित व्‍याख्‍या को जानेंगे। इस पाठ में मनुष्‍य को वृक्ष से प्रेरणा लेने की बात कही गई है। वसन्तकाले सौरभयुक्तैः … Read more

संस्कृत कक्षा 10 भीष्‍म-प्रतिज्ञा (भीष्‍म की प्रतिज्ञा) – Bhishm Pratigya in Hindi

इस पोस्‍ट में हम बिहार बोर्ड के वर्ग 10 के संस्कृत द्रुतपाठाय (Second Sanskrit) के पाठ 7 (Bhishm Pratigya) “ भीष्‍म-प्रतिज्ञा (भीष्‍म की प्रतिज्ञा)” के अर्थ सहित व्‍याख्‍या को जानेंगे। इस पाठ में एक पिता के प्रति अपने बेटे के त्‍याग को दर्शाया गया है। 7. भीष्‍म-प्रतिज्ञा (भीष्‍म की प्रतिज्ञा) प्रथमं दृश्यम् स्थान राज-भवनम् (उदासीन: … Read more

संस्कृत कक्षा 10 मधुराष्‍टकम् ( आठ मधुर गीत ) – Madhurastakam in Hindi

इस पोस्‍ट में हम बिहार बोर्ड के वर्ग 10 के संस्कृत द्रुतपाठाय (Second Sanskrit) के पाठ 6 (Madhurastkam) “ मधुराष्‍टकम् (आठ मधुर गीत)” के अर्थ सहित व्‍याख्‍या को जानेंगे। यह पाठ एक प्रार्थना है, जो भगवान श्रीकृष्‍ण को समर्पित है। 6. मधुराष्‍टकम् (Madhurastkam) अधरं मधुरं वदनं मधुरं नयनं मधुरं हसितं मधुरम् । हृदयं मधुरं गमनं … Read more

संस्कृत कक्षा 10 संसार मोह: (संसार से मोह) – Sansar Moh in Hindi

sansar moh

इस पोस्‍ट में हम बिहार बोर्ड के वर्ग 10 के संस्कृत द्रुतपाठाय (Second Sanskrit) के पाठ 5 (Sansar Moh) “संसार मोह: (संसार से मोह)” के अर्थ सहित व्‍याख्‍या को जानेंगे। 5. संसार मोह: (Sansar Moh) एकदा भगवान् नृसिंहः स्वस्य प्रियं भक्त प्रहलादम् अवदत्- ‘किमपि वरं याचस्‍व’ इति । तदा प्रहलादः उक्तवान् – “भगवन् ! संसारस्य … Read more