Vikramshila Class 10 Non Hindi – विक्रमशिला

इस पोस्‍ट में हमलोग बिहार बोर्ड के वर्ग 10 के अहिन्‍दी (Non Hindi) के पाठ 12 (Vikramshila) ” विक्रमशिला” के व्‍याख्‍या को जानेंगे। इस पाठ में विक्रमशिला के वैभव को बताया गया है।

Vikramshila

पाठ परिचय- यह निबंध बौद्धकालीन शिक्षा केन्द्र विक्रमशिला विश्वविद्यालय के अतीत से परिचय कराता है। इस अध्याय में प्राचीन परम्परा ज्ञान की अनेक विशिष्टताओं का उद्घाटन किया गया है।

12. पाठ का सारांश (Vikramshila)

प्रस्तुत निबंध में भारत की अस्मिता का अभेद्य कवच माना जाने वाला विक्रमशिला के बारे में है, जिसका अतीत आज के कैम्ब्रिज एवं ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से कहीं उन्नत और महत्वपूर्ण था।

यहाँ आर्यभट और अतिश दिपंकर जैसे विद्वान हुए जिनके योगदान को नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता है। आर्यभट का योगदान खगोल विद्या में विश्व प्रसिद्ध है जबकि अतिश दिपंकर ने तिब्बत में बौध धर्म का प्रचार-प्रसार किया और लामा सम्प्रदाय की शुरूआत की।

आधुनिक भागलपुर जिला के कहलगांव थाना क्षेत्र, पोस्ट पथरघट्टा के एक छोटे से गाँव अंतीचक में आठवीं शताब्दी के मध्य में इसका उदय पालवंश के सर्वाधिक प्रतापी राजा धर्मपाल के संरक्षण में हुआ।

यहाँ के आचार्यों के विक्रमपूर्ण आचरण, उनकी अखंड शील के कारण ही यह विक्रमशिला की संज्ञा से संबोधित हुआ। कहा जाता है कि विक्रम नामक यक्ष को दमित कर इस स्थान पर विहार बनाने के कारण इसका नाम विक्रमशिला पड़ा।

यह विश्वप्रसिद्ध विश्वविद्यालय था। यहाँ छः महाविद्यालय थे जो द्वार पंडितों के अधीन थे। द्वार पंडितों के समक्ष मौखिक परिक्षा में उत्तीर्ण होने वाले छात्र ही विद्यालय के प्रांगण में प्रवेश पा सकते थे।

यहाँ तंत्र विद्या के अतिरिक्त व्याकरण, न्याय, सृष्टि विज्ञान, शब्द विज्ञान, शिल्प विद्या, विज्ञान, चिकित्सा विद्या, सांख्य, वैशेषिक, अध्यात्म विद्या, जादू एवं चमत्कार विद्या की पढ़ाई होती थी। कक्षा की व्यवस्था और उसके समय निर्धारण के लिए अलग से आचार्य नियुक्त थे। अध्यापन का माध्यम संस्कृत भाषा थी।

पुरातात्विक विभाग के अथक प्रयास से ही विक्रमशिला के बारे में जानकारी मिलता है। अभी भी इसका खनन जारी है। यहाँ दस हजार छात्र और एक हजार अध्यापक रहते थे।

तेरहवीं सदी के आरम्भ में तुर्कों के आक्रमण के कारण इसका सर्वनाश हो गया। तुर्कों ने भ्रमवश इसे किला समझ कर नष्ट कर दिया। ‘तबक़ात-ए-नासिरी‘ नामक ग्रंथ में इसके विध्वंश का जीवंत वर्णन उपलब्ध है।

Read More – click here

Vikramshila Video –  click here

Class 10 Science –  click here

Class 10 History – click here

Vikramshila Objective –  click here

Download Kislay Bhag 3 (Non Hindi) Book Pdf click here

Leave a Comment