Mere Bina Tum Prabhu VVI Subjective Questions – हिन्‍दी कक्षा 10 मेरे बिना तुम प्रभु

स पोस्‍ट में हमलोग बिहार बोर्ड कक्षा 10 हिन्‍दी के पाठ बारह हिन्‍दी कक्षा 10 मेरे बिना तुम प्रभु के महत्‍वपूर्ण विषयनिष्‍ठ प्रश्‍नों के उत्तर को पढ़ेंगे। Mere Bina Tum Prabhu VVI Subjective Questions

Mere Bina Tum Prabhu VVI Subjective Questions – हिन्‍दी कक्षा 10 मेरे बिना तुम प्रभु

लघु-उत्तरीय प्रश्न (20-30 शब्दों में)—-दो अंक स्तरीय
प्रश्न 1. शानदार लबादा किसका गिर जाएगा, और क्यों ?(2015A)
उत्तर- कवि के अनुसार भगवत्-महिमा भक्त की आस्था में निहित होता है भक्त, भगवान का दृढ आधार होता है लेकिन जब भक्तरूपी आधार नहीं होगा। स्वाभाविक है कि भगवान की पहचान भी मिट जाएगी। भगवान का लबादा अथवा चोगा गिर जाएगा। Mere Bina Tum Prabhu VVI Subjective Questions – हिन्‍दी कक्षा 10 मेरे बिना तुम प्रभु

प्रश्न 2. कवि किसको कैसा सुख देता था ? (Text Book)
उत्तर- कवि भगवान की कृपादृष्टि की शय्या है। कवि के नरम कपोलों जब भगवान की कृपादृष्टि विश्राम लेती है, तब भगवान को सुख मिलता है, आनंद मिलता है। अर्थात् भक्त भगवान का कृपापात्र होता है और भक्तरूपी पात्र से भगवान भी सुखी होते हैं। 

प्रश्न 3. कवि रेनर मारिया रिल्के ने अपने आप को जलपात्र और मदिरा क्यों कहता है? (Text Book 2014A, 2017A)
उत्तर- कवि अपने को भगवान का भक्त मानता है। भक्त की महत्ता को स्पष्ट करते हुए कवि ने भक्त को जलपात्र और मदिरा कहा है क्योंकि जलपात्र में संग्रहित होकर भगवान अपनी अस्मिता प्राप्त करता है । इसी तरह भक्ति-रस के निकट आकर भगवान इससे प्रसन्न हो जाते हैं।

Mere Bina Tum Prabhu VVI Subjective Questions Hindi Chapter 12 मेरे बिना तुम प्रभु

प्रश्न 4. कवि को किस बात की आशंका है ? स्पष्ट कीजिए। (Text Book 2016C)
उत्तर- कवि को आशंका है कि जब ईश्वरीय सत्ता की अनुभूति करानेवाला प्रतीक आधार या भक्त नहीं होगा तब ईश्वर का पहचान किस रूप में होगा ? प्राकृतिक छवि, मानव की हदय का प्रेम, दया, भगवद् स्वरूप है। ये सब नहीं होगा, तब उस परमात्मा का आश्रय क्या होगा, मानव किस रूप में ईश्वर को जान सकेगा इस प्रश्न को लेकर कवि आशंकित है।Mere Bina Tum Prabhu VVI Subjective Questions Hindi Chapter 12 मेरे बिना तुम प्रभु 

प्रश्न 5. कविता के आधार पर भक्त और भगवान के बीच के संबंध पर प्रकाश डालिए। (Text Book ,2012A)
उत्तर- प्रस्तुत कविता में कहा गया है कि बिना भक्त के भगवान भी एकांकी और निरूपाय हैं। उनकी भगवता भी भक्त की सत्ता पर निर्भर करती है। व्यक्ति और विराट सत्य एक-दूसरे पर निर्भर है।

Shram Vibhajan Aur Jati Pratha Subjective Questions – हिन्‍दी कक्षा 10 श्रम विभाजन और जाति प्रथा

इस पोस्‍ट में हमलोग बिहार बोर्ड कक्षा 10 हिन्‍दी के पाठ एक ‘श्रम विभाजन और जाति प्रथा (Shram Vibhajan Aur Jati Pratha Subjective Questions) के महत्‍वपूर्ण विषयनिष्‍ठ प्रश्‍नों के उत्तर को पढ़ेंगे।

Shram Vibhajan Aur Jati Pratha VVI Subjective Questions

Shram Vibhajan Aur Jati Pratha Subjective QuestionsHindi Chapter 1 श्रम विभाजन और जाति प्रथा

लेखक-भीमराव अंबेदकर

प्रश्न 1. लेखक किस विडंबना की बात करते हैं ? विडंबना का स्वरूप क्या है? (2012C)
उत्तर- आधुनिक युग में भी जातिवाद का पोषण होना, इसके पोषकों की कमी नहीं होना, इस तरह की प्रथा को बढ़ावा देना, लेखक के विचार से विडंबना माना गया है।

प्रश्न 2. जाति भारतीय समाज में श्रम-विभाजन का स्वाभाविक रूप क्यों नहीं कही जा सकती? (2014A, 2016A)
उत्तर- भारतीय समाज में जाति प्रथा, श्रम-विभाजन का स्वाभाविक रूप नहीं कही जा सकती, क्योंकि यह मनुष्य की रुचि पर आधारित नहीं है। इसमें मनुष्य की निजी क्षमता का विचार किए बिना उसका पेशा निर्धारित कर दिया जाता है।

प्रश्न 3. सच्चे लोकतंत्र की स्थापना के लिए लेखक ने किन विशेषताओं को आवश्यक माना है? (2016A)
उत्तर- लोकतंत्र मूलतः सामूहिक जीवनचर्या की एक रीति तथा समाज के सम्मिलित अनुभवों के आदान-प्रदान का नाम है । सच्चे लोकतंत्र की स्थापना के लिए समरसता, भ्रातृत्व एवं स्वतंत्रता आवश्यक है।

प्रश्न 5. अम्बेदकर के अनुसार जाति-प्रथा के पोषक उसके पक्ष में क्या तर्क देते हैं? (2014A)
उत्तर- जातिवाद के पक्ष में इसके पोषकों का तर्क है कि आधुनिक सभ्य समाज ’कार्य-कुशलता’ के लिए श्रम-विभाजन को आवश्यक मानता है और चूँकि जाति प्रथा भी श्रम-विभाजन का ही दूसरा रूप है, इसलिए इसमें कोई बुराई नहीं है।

प्रश्न 4. लेखक ने पाठ में किन प्रमुख पहलुओं से जाति प्रथा को एक हानिकारक प्रथा के रूप में दिखाया है? (2015A)
उत्तर- जाति प्रथा में श्रम-विभाजन मनुष्य की स्वेच्छा पर निर्भर नहीं रहता । इसमें मानवीय कार्यकुशलता की वृद्धि नहीं हो पाती। इसमें स्वभावतः मनुष्य को दुर्भावना से ग्रस्त रहकर कम और टालू कार्य करने को विवश होना पड़ता है।

प्रश्न 6. जातिवाद के पक्ष में दिए गए तर्कों पर लेखक की प्रमुख आपत्तियाँ क्या हैं?(2016C)
उत्तर- (क) जाति प्रथा श्रम-विभाजन के साथ-साथ श्रमिक विभाजन का भी रूप लिए हुए है।
(ख) इस प्रथा में श्रमिकों को अस्वाभाविक रूप से विभिन्न वर्गों में विभाजित किया जाता है।
(ग) इसमें विभाजित वर्गों को एक-दूसरे की अपेक्षा ऊँच-नीच भी करार दिया जाता है।
(घ) जाति प्रथा पर आधारित विभाजन मनुष्य की रुचि पर आधारित नहीं है।

Vish Ke Dant VVI Subjective Questions – हिन्‍दी कक्षा 10 विष के दाँत

इस पोस्‍ट में हमलोग बिहार बोर्ड कक्षा 10 हिन्‍दी के पाठ दो ‘विष के दाँत (Vish Ke Dant VVI Subjective Questions) के महत्‍वपूर्ण विषयनिष्‍ठ प्रश्‍नों के उत्तर को पढ़ेंगे।

Vish Ke Dant VVI Subjective Questions

Vish Ke Dant VVI Subjective Questions Hindi Chapter 2 विष के दाँत
लेखक- नलिन विलोचन शर्मा

प्रश्न 1. सेन साहब के परिवार में बच्चों के पालन-पोषण में किए जा रहे लिंग-आधारित भेद भाव का अपने शब्दों में वर्णन कीजिए। (पाठ्य पुस्तक) (2012C)
उत्तर- सेन साहब अमीर आदमी थे। उनकी पाँच लड़कियाँ थीं एवं एक लड़का था। उस परिवार में लड़कियों के लिए घर में अलग नियम तथा शिक्षा थी। लेकिन लड़का के लिए अलग नियम एवं अलग शिक्षा। लड़का को पूरी स्वतंत्रता थी, लेकिन लड़कीयों को नहीं।

प्रश्न 2. सेन साहब काशु को विद्यालय पढ़ने के लिए क्यों नहीं भेजते हैं? (2018C)
उत्तर- सेन साहब काशु को बिजनेसमैन और इंजीनियर बनाना चाहते हैं। इसके लिए वे आजकल की पढ़ाई-लिखाई को फिजूल समझते हैं और अपने घर पर ही बढ़ई मिस्त्री के साथ कुछ ठोक-पीट करने का इन्तजाम कर दिया है।

प्रश्न 3. विष के दाँत शीर्षक कहानी का नायक कौन है? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।  (2014A, 2017C)
उत्तर- ’विष के दाँत’ कहानी में मदन ऐसा पात्र है जो अहंकारी के अहंकार को नहीं सहन करता है बल्कि उसका स्वाभिमान जाग्रत होता है और वह खोखा जैसे बालक को ठोकर देकर वर्षों से दबे अपने पिता को आँखें भी खोल देता है। सम्पूर्ण कहानी में मदन की क्रांतिकारी भूमिका है। अतः इसका नायक मदन है।

प्रश्न 4. काशू का चरित-चित्रण करें।
उत्तर- काशू समृद्ध पिता का लड़का है। माता-पिता और बहनों का अतिशय प्रेम पाकर उसके स्वभाव में एक प्रकार का जिद भरा हुआ है। वह जिद्दी स्वभाव का है, उसके मन में जो आता है, वही करता है। उसमें अहंकार भी है।

प्रश्न 5. आपकी दृष्टि में कहानी का नायक कौन है? तर्कपूर्ण उत्तर दें। (पाठ्य पुस्तक)
उत्तर- हमारी दृष्टि में ‘विष के दांत’ शीर्षक कहानी का नायक मदन है। इसमें मदन का ही चरित्र है जो सबसे अधिक प्रभावशाली है। पूरी कथा में इसी के चरित्र का महत्त्व है। खोखे के विष के दाँत तोड़ने की महत्त्वपूर्ण घटना का भी वही संचालक है।

प्रश्न 7. खोखा किन मामलों में अपवाद था? (2011A, 2014C)
उत्तर- सेन साहब एक अमीर आदमी थे। खोखा उनके बुढ़ापे की आँखों का तारा था। इसीलिए सेन साहब ने उसे काफी छुट दे रखी थी। खोखा जीवन के नियम का जैसे अपवाद था और इसलिए वह घर के नियमों का भी अपवाद था।

प्रश्न 8. मदन और ड्राइवर के बीच के विवाद के द्वारा कहानीकार क्या बताना चाहता है? (2016A)
उत्तर- मदन और ड्राइवर के बीच विवाद के द्वारा कहानीकार बताना चाहते हैं। कि अपने पर किये गये अत्याचार का विरोध करना पाप नहीं है। सेन साहब की नयी चमकती काली गाड़ी को मदन द्वारा केवल छूने पर ड्राइवर द्वारा घसीटा जाता है। यह गरीब बालक पर अत्याचार है। मदन द्वारा उसका मुकाबला करना अत्याचारियों पर विजय प्राप्त करने का प्रयास है।।

प्रश्न 9. ’विष के दाँत’ शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए। (2016A)
उत्तर- ’विष के दाँत’ शीर्षक महल और झोपड़ी की लडाई की कहानी है ।। मदन द्वारा पिटे जाने पर खोखा के जो दाँत टूट जाते हैं वह गरीबों पर उनके अत्याचार के विरुद्ध एक चेतावनी है। यही इस कहानी का लक्ष्य है। अतः निसंदेह कहा जा सकता है कि ’विष के दाँत’ इस दृष्टि से बड़ा ही सार्थक शीर्षक है।

Bharat Se Hum Kya Sikhe VVI Subjective Questions – हिन्‍दी कक्षा 10 भारत से हम क्या सीखें।

इस पोस्‍ट में हमलोग बिहार बोर्ड कक्षा 10 हिन्‍दी के पाठ तीन ‘भारत से हम क्या सीखें (Bharat Se Hum Kya Sikhe VVI Subjective Questions) के महत्‍वपूर्ण विषयनिष्‍ठ प्रश्‍नों के उत्तर को पढ़ेंगे।

Bharat Se Hum Kya Sikhe VVI Subjective Questions

Bharat Se Hum Kya Sikhe VVI Subjective Questions Hindi Chapter 3 भारत से हम क्या सीखें।
लेखक-मैक्समूल

लघु-उत्तरीय प्रश्न (20-30 शब्दों में)___दो अंक स्तरीय
प्रश्न 1. लेखक ने किन विशेष क्षेत्रों में अभिरुचि रखने वालों के लिए भारत का प्रत्यक्ष ज्ञान आवश्यक बताया है?                           (पाठ्य पुस्तक)
उत्तर- लेखक ने बताया है कि जिन्हें भू-विज्ञान में, वनस्पति जगत में, जीवों के अध्ययन में, पुरातत्त्व के ज्ञान में एवं नीतिशास्त्र जैसे विषयों में विशेष अभिरुचि है उन्हें भारत का प्रत्यक्ष ज्ञान आवश्यक है।

प्रश्न 2. लेखक ने नीति कथाओं के क्षेत्र में किस तरह भारतीय अवदान को रेखांकित किया है?       (पाठ्य पुस्तक)
उत्तर- लेखक ने बताया है कि नीति कथाओं के अध्ययन-क्षेत्र में नवजीवन का संचार हुआ है। समय-समय पर विविध साधनों और मार्गों द्वारा अनेक नीति कथाएँ पूर्व से पश्चिम की ओर प्रवाहित रही हैं।

Bharat Se Hum Kya Sikhe VVI Subjective Questions
प्रश्न 3. भारत को पहचान सकने वाली दृष्टि की आवश्यकता किनके लिए वांछनीय है और क्यों?   (पाठ्य पुस्तक)
उत्तर- भारत को पहचान सकनेवाली दृष्टि की आवश्यकता यूरोपियन लोगों के लिए वांछनीय है, क्योंकि भारत ऐसी अनेक समस्याओं से भरपूर है जिनका समाधान होने पर यूरोपियन लोगों की अनेक समस्याओं का निदान संभव है।

प्रश्न 2. लेखक ने नीति कथाओं के क्षेत्र में किस तरह भारतीय अवदान को रेखांकित किया है?            (पाठ्य पुस्तक)
उत्तर- लेखक ने बताया है कि नीति कथाओं के अध्ययन-क्षेत्र में नवजीवन का संचार हुआ है। समय-समय पर विविध साधनों और मार्गों द्वारा अनेक नीति कथाएँ पूर्व से पश्चिम की ओर प्रवाहित रही हैं।

प्रश्न 3. भारत को पहचान सकने वाली दृष्टि की आवश्यकता किनके लिए वांछनीय है और क्यों?               (पाठ्य पुस्तक)
उत्तर- भारत को पहचान सकनेवाली दृष्टि की आवश्यकता यूरोपियन लोगों के लिए वांछनीय है, क्योंकि भारत ऐसी अनेक समस्याओं से भरपूर है जिनका समाधान होने पर यूरोपियन लोगों की अनेक समस्याओं का निदान संभव है।

प्रश्न 6. लेखक ने वारेन हेस्टिंग्स से संबंधित किस दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना का हवाला दिया है और क्यों?                       (पाठ्य पुस्तक)
उत्तर- लेखक ने वारेन हेस्टिंग्स द्वारा 172 दारिस नामक सोने के सिक्के ईस्ट इंडिया कंपनी के निदेशक मंडल की सेवा में भेजे जाने पर कम्पनी के मालिक द्वारा उसका महत्त्व नहीं समझना एवं मुद्राओं को गला देना दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना कहा है। क्योंकि, वह एक धरोहर था।

प्रश्न 7. लेखक ने नया सिकंदर किसे कहा है ? ऐसा कहना क्या उचित है? लेखक का अभिप्राय स्पष्ट कीजिए।                (पाठ्य पुस्तक)
उत्तर- लेखक ने नया सिकंदर भारत को समझने, जानने एवं सम्पूर्ण लाभ प्राप्त करने हेतु भारत आनेवाले नवागंतुक अन्वेषकों, पर्यटकों एवं अधिकारियों को कहा है। उसी प्रकार आज भी भारतीयता को निकट से जानने के नवीन स्वप्नदर्शी को आज का सिकंदर कहना अतिशयोक्ति नहीं है, यह उचित है।

Bharat Se Hum Kya Sikhe VVI Subjective Questions
प्रश्न 8. मैक्समूलर ने संस्कृत की कौन-सी विशेषताएँ और महत्त्व बतलाए।                                  (पाठ्य पुस्तक)
उत्तर- मैक्समूलर के अनुसार संस्कृत की पहली विशेषता इसकी प्राचीनता है। इसके वर्तमान रूप में भी अत्यन्त प्राचीन तत्त्व भलीभाँति सुरक्षित है। संस्कृत की मदद से, ग्रीक-लैटिन, गॉथिक और एंग्लो-सैक्सन जैसी ट्यूटानिक भाषाओं केल्टिक तथा स्लाव भाषाओं में विद्यमान समानता की समस्या को आसानी से हल किया जा सका।

प्रश्न 9. भारत किस तरह अतीत और सुदूर भविष्य को जोड़ता है ? स्पष्ट करें।( 2011C, 2012C, 2016A)
उत्तर- भारत अतीत और भविष्य को जोड़ता है। यहाँ मानवीय जीवन का प्राचीनतम ज्ञान विद्यमान है। यहाँ की भूमि प्राचीन इतिहास से जुड़ी रही है। यहाँ की संस्कृत भाषा के द्वारा विश्व को चिंतन की ऐसी धारा में अवगाहन का अवसर मिलता है जो अभी तक अज्ञात थी। अतः यह बीते हुए काल और आने वाले समय के लिए सेतु के रूप में मान्य है।

प्रश्न 10. समस्त भूमंडल में सर्वविद सम्पदा और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण देश भारत है। लेखक ने ऐसा क्यों कहा है? (पाठ्य पुस्तक, 2012A)
उत्तर- भारत ऐसा देश है, जहाँ मानव मस्तिष्क की उत्कृष्टतम उपलब्धियाँ का सर्वप्रथम साक्षात्कार हुआ है। यहाँ जीवन की बड़ी-से-बड़ी समस्याओं के ऐसे समाधान ढूँढ़ निकाले गये हैं जो विश्व के दार्शनिकों के लिए चिन्तन का विषय है। यहाँ जीवन को सुखद बनाने के लिए उपयुक्त ज्ञान एवं वातावरण का मिश्रण मिलता है जो विश्व में अन्य जगह नहीं है।

Bharat Se Hum Kya Sikhe VVI Subjective Questions
प्रश्न 11. धर्मों की दृष्टि से भारत का क्या महत्त्व है?(पाठ्य पुस्तक)
उत्तर- भारत प्राचीन काल से ही धार्मिक विकास का केन्द्र रहा है। यहाँ धर्म के वास्तविक उद्भव और उसके प्राकृतिक विकास का प्रत्यक्ष परिचय मिलता है। भारत वैदिक धर्म की भूमि है. बौद्ध धर्म की यह जन्मभूमि है, पारसियों के जरथुस्त्र धर्म की यह शरण स्थली है। आज भी यहाँ नित्य नये मत मतान्तर प्रकट एवं विकसित होते रहते हैं। इस तरह से भारत धार्मिक क्षेत्र में विश्व को आलोकित करनेवाला एक महत्त्वपूर्ण देश है।

प्रश्न 12. भारत के साथ यूरोप के व्यापारिक संबंध के प्राचीन प्रमाण लेखक ने क्या दिखाए हैं?                                 (पाठ्य पुस्तक, 2013C)
उत्तर- लेखक के अनुसार सोलोमन के समय में ही भारत, सीरिया और फिलीस्तीन के मध्य आवागमन के साधन सुलभ हो चुके थे। साथ ही इन देशों के व्यापारिक अध्ययन के आधार पर प्रमाणित होता है कि हाथी दाँत, बन्दर, मोर और चन्दन आदि जिन वस्तुओं के ओफिर से निर्यात की बात बाइबिल में कही गयी है, वे वस्तुएँ भारत के सिवा किसी अन्य देश से नहीं लाई जा सकती।

Nakhun Kyon Badhte Hain VVI Subjective Questions – हिन्‍दी कक्षा 10 नाखून क्यों बढ़ते हैं

इस पोस्‍ट में हमलोग बिहार बोर्ड कक्षा 10 हिन्‍दी के पाठ चार ‘ नाखून क्यों बढ़ते हैं (Nakhun Kyon Badhte Hain VVI Subjective Questions) के महत्‍वपूर्ण विषयनिष्‍ठ प्रश्‍नों के उत्तर को पढ़ेंगे।

Nakhun Kyon Badhte Hain VVI Subjective QuestionsNakhun Kyon Badhte Hain VVI Subjective Questions Hindi Chapter 4 नाखून क्यों बढ़ते हैं
लेखक-हजारी प्रसाद द्विवेदी ।

लघु-उत्तरीय प्रश्न (20-30 शब्दों में)____दो अंक स्तरीय
प्रश्न 1. नाखून क्यों बढ़ते हैं ? यह प्रश्न लेखक के आगे कैसे उपस्थित हुआ ? (पाठ्य पुस्तक)
उत्तर- नाखून क्यों बढ़ते हैं ? यह प्रश्न एक दिन लेखक की छोटी लड़की ने उनसे पूछ दिया । उस दिन से यह प्रश्न लेखक के सोचने का विषय बन गया।

प्रश्न 2. ’स्वाधीनता’ शब्द की सार्थकता लेखक क्या बताता है? (पाठ्य पुस्तक, 2013C)
उत्तर- लेखक कहते हैं कि स्वाधीनता शब्द का अर्थ है अपने ही अधीन रहना। क्योंकि यहाँ के लोगों ने अपनी आजादी के जितने भी नामकरण किये उनमें हैं। स्वतंत्रता, स्वराज, स्वाधीनता । उनमें स्व का बंधन अवश्य है।

प्रश्न 3. लेखक के अनुसार सफलता और चरितार्थता क्या है?(2018A)
उत्तर- सफलता और चरितार्थ में लेखक ने अंतर होने की बात बताया है। किसी भी प्रकार से बल, छल या बुद्धि से सफल हो जाना सफलता है लेकिन प्रेम, मैत्री, त्याग एवं जनकल्याण का भाव रखते हुए जीवन में आगे बढ़ना चरितार्थता है।

प्रश्न 4.लेखक की दृष्टि में हमारी संस्कृति की बड़ी भारी विशेषता क्या है? स्पष्ट कीजिए। (पाठ्य पुस्तक)
उत्तर- लेखक की दृष्टि में हमारी संस्कति की बड़ी भारी विशेषता है आप पर अपने आपके द्वारा लगाया हुआ बंधन । भारतीय चित्त जो आज की अनधीनता के रूप में न सोचकर स्वाधीनता के रूप में सोचता है। यह भारताय सस्कृति की विशेषता का ही फल है। यह विशेषता हमारे दीर्घकालीन संस्कारों से आयी है, इसलिए स्व के बंधन को आसानी से नहीं छोड़ा जा सकता है।

प्रश्न 5. मनुष्य की पूँछ की तरह उसके नाखून भी एक दिन झड़ जाएंगे। प्राणिशास्त्रियों के इस अनुमान से लेखक के मन में कैसी आशा जगती है? (पाठ्य पुस्तक)
उत्तर- प्राणीशास्त्रियों का ऐसा अनुमान है कि एक दिन मनुष्य की पूँछ की तरह उसके नाखुन भी झड़ जायेंगे। इस तथ्य के आधार पर ही लेखक के मन में यह आशा जगती है कि भविष्य में मनुष्य के नाखूनों का बढ़ना बंद हो जायेगा और मनुष्य का अनावश्यक अंग उसी प्रकार झड़ जायेगा जिस प्रकार उसकी पूँछ झड़ गयी है अर्थात् मनुष्य पशुता को पूर्णतः त्याग कर पूर्णरूप से मानवता को प्राप्त कर लेगा।

Nakhun Kyon Badhte Hain VVI Subjective Questions Hindi Chapter 4 नाखून क्यों बढ़ते हैं
प्रश्न 6.लेखक द्वारा नाखनों को अस्त्र के रूप में देखना कहाँ तक संगत है ? (2013A, 2016A)
उत्तर- कुछ लाख वर्षों पहले मनुष्य जब जंगली था, उसे नाखून की जरूरत थी। वनमानुष के समान मनुष्य के लिए नाखून अस्त्र था क्योंकि आत्मरक्षा एवं भोजन हेतु नख की महत्ता अधिक थी। उन दिनों प्रतिद्वंदियों को पछाड़ने के लिए नाखून आवश्यक था । असल में वही उसके अस्त्र थे। उस समय उसके पास लोहे या कारतूस वाले अस्त्र नहीं थे, इसलिए नाखून को अस्त्र कहा जाना उपयुक्त है, तर्कसंगत है।

प्रश्न 7. लेखक ने किस प्रसंग में कहा है कि बंदरिया मनुष्य का आदर्श नहीं बन सकती? लेखक का अभिप्राय स्पष्ट करें। (पाठ्य पुस्तक, 2013C)
उत्तर- लेखक ने रूढ़िवादी विचारधारा और प्राचीन संवेदनाओं से हटकर जीवनयापन करने के प्रसंग में कहा है कि बंदरिया मनुष्य का आदर्श नहीं बन सकती। लेखक के कहने का अभिप्राय है कि मरे बच्चे को गोद में दबाये रहनेवाली बंदरियाँ मनुष्य का आदर्श कभी नहीं बन सकती। यानी केवल प्राचीन विचारधारा या रूढ़िवादी विचारधारा विकासवाद के लिए उपयुक्त नहीं हो सकती। मनुष्य को एक बुद्धिजीवी होने के नाते परिस्थिति के अनुसार साधन का प्रयोग करना चाहिए।

प्रश्न 8. मनुष्य बार-बार नाखूनों को क्यों काटता है? (पाठ्य पुस्तक, 2015A)
उत्तर- मनुष्य निरंतर सभ्य होने के लिए प्रयासरत रहा है। प्रारंभिक काल में मानव एवं पशु एकसमान थे। नाखून अस्त्र थे। लेकिन जैसे-जैसे मानवीय विकास की धारा अग्रसर होती गई मनुष्य पशु से भिन्न होता गया। उसके अस्त्र-शस्त्र. आहार-विहार, सभ्यता-संस्कृति में निरंतर नवीनता आती गयी । वह पुरानी जीवन-शैली को परिवर्तित करता गया। जो नाखून अस्त्र थे उसे अब सौंदर्य का रूप देने लगा। इसमें नयापन लाने, इसे सँवारने एवं पशु से भिन्न दिखने हेतु नाखूनों को मनुष्य काट देता है।

प्रश्न 9. निबंध में लेखक ने किस बूढ़े का जिक्र किया है ? लेखक की दृष्टि में बूढ़े के कथनों की सार्थकता क्या है? (पाठ्य पुस्तक)
उत्तर- लेखक ने महात्मा गाँधी को बूढ़े के प्रतीक रूप में जिक्र किया है। लेखक की दृष्टि से महात्मा गाँधी के कथनों की सार्थकता उभरकर इस प्रकार आती है-आज मनुष्य में जो पाशविक प्रवृत्ति है उसमें सत्यता, सौंदर्यबोध एवं विश्वसनीयता का लेशमात्र भी स्थान नहीं है। महात्मा गाँधी ने समस्त जनसमुदाय को हिंसा, क्रोध, मोह और लोभ से दूर रहने की सलाह दी। गंभीरता को धारण करने की सलाह दी लेकिन इनके सारे उपदेश बुद्धिजीवी वर्ग के लिए उपेक्षित रहा।

Nakhun Kyon Badhte Hain VVI Subjective Questions Hindi Chapter 4 नाखून क्यों बढ़ते हैं
प्रश्न 10. बढ़ते नाखूनों द्वारा प्रकृति मनुष्य को क्या याद दिलाती है? (पाठ्य पुस्तक, 2015C)
उत्तर- प्राचीन काल में मनुष्य जंगली था । वह वनमानुष की तरह था। उस समय वह अपने नाखून की सहायता से जीवन की रक्षा करता था। आज नखधर मनुष्य अत्याधुनिक हथियार पर भरोसा करके आगे की ओर चल पड़ा है। पर उसके नाखून अब भी बढ़ रहे हैं। बढ़ते नाखूनों द्वारा प्रकृति मनुष्य को याद दिलाती है कि तुम भीतर वाले अस्त्र से अब भी वंचित नहीं हो । तुम्हारे नाखून को भुलाया नहीं जा सकता । तुम वही प्राचीनतम नख एवं दंत पर आश्रित रहने वाला जीव हो। पशु की समानता तुममें अब भी विद्यमान है।

प्रश्न 11. सुकुमार विनोदों के लिए नाखून को उपयोग में लाना मनुष्य ने कैसे शुरू किया? लेखक ने इस संबंध में क्या बताया है (पाठ्य पुस्तक, 2012C)
उत्तर-लेखक ने कहा है कि पशवत् मानव जब धीरे-धीरे विकसित हुआ, सभ्य बना तब पशुता की पहचान को कायम रखनेवाले नाखून को काटने की प्रवृत्ति पनपी। यही प्रवृत्ति कलात्मक रूप लेने लगी । वात्स्यायन के कामसूत्र से पता चलता है कि भारतवासियों में नाखूनों को जम के सँवारने की परिपाटी आज से दो हजार वर्ष पहले विकसित हुई। उसे काटने की कला काफी मनोरंजक बताई गई है। त्रिकोण, वर्तुलाकार, चंद्राकार, दंतल आदि विविध आकतियों के नाखुन उन दिनों विलासी नागरिकों के मनोविनोद का साधन बना।

प्रश्न 12. नख बढ़ाना और उन्हें काटना कैसे मनुष्य की सहजात वृत्तियाँ हैं? इनका क्या अभिप्राय है? (पाठ्य पुस्तक)
उत्तर- मानव शरीर में.बहुत-सी अभ्यास-जन्य सहज वृत्तियाँ अंतर्निहित हैं। दीर्घकालीन आवश्यकता बनकर मानव शरीर में विद्यमान रही सहज वृत्तियाँ ऐसे गुण हैं जो अनायास ही अनजाने में अपने आप काम करती हैं। नाखून का बढ़ना उनमें से एक है। वास्तव में सहजात वृत्तियाँ अनजान स्मृतियों को कहा जाता है। नख बढ़ाने की सहजात वृत्ति मनुष्य में निहित पशुत्व का प्रमाण है। उन्हें काटने की जो प्रवृति है वह मनुष्यता की निशानी है। मनुष्य के भीतर पशुत्व है लेकिन वह उसे बढ़ाना नहीं चाहता है । मानव पशुता को छोड़ चुका है क्योंकि पशु बनकर वह आगे नहीं बढ़ सकता। इसलिए पशुता की पहचान नाखून को मनुष्य काट देता है।

Nagri Lipi VVI Subjective Questions – हिन्‍दी कक्षा 10 नागरी लिपि

इस पोस्‍ट में हमलोग बिहार बोर्ड कक्षा 10 हिन्‍दी के पाठ पाँच ‘नागरी लिपि (Nagri Lipi VVI Subjective Questions)’ के महत्‍वपूर्ण विषयनिष्‍ठ प्रश्‍नों के उत्तर को पढ़ेंगे।

Nagri Lipi VVI Subjective Questions

Nagri Lipi VVI Subjective Questions Hindi Chapter 5 नागरी लिपि
लेखक-गुणाकर मूले

लघु-उत्तरीय प्रश्न (20-30 शब्दों में)____दो अंक स्तरीय
प्रश्न 1.लेखक ने किन भारतीय लिपियों से देवनागरी का संबंध बताया है ? (पाठ्य पुस्तक)
उत्तर- लेखक ने गुजराती, बांग्ला और ब्राह्मी लिपियों से देवनागरी का संबंध बताया है।

प्रश्न 2. देवनागरी लिपि में कौन-कौन सी भाषाएँ लिखी जाती हैं ? (पाठ्य पुस्तक, 2011C, 2016A)
उत्तर- देवनागरी लिपि में मुख्यतः गुजराती, नेपाली, मराठी, संस्कृत, प्राकृत और हिन्दी भाषाएँ लिखी जाती हैं।

प्रश्न 3. नागरी लिपि के आरंभिक लेख कहाँ प्राप्त हुए हैं ? उनके विवरण दें।
उत्तर- विद्वानों के अनुसार नागरी लिपि के आरंभिक लेख विंध्य पर्वत के नीचे के दक्कन प्रदेश से प्राप्त हुए हैं।

प्रश्न 4. नागरी लिपि कब एक सार्वदेशिक लिपि थी? (Text Book, 2012A, 2013C)
उत्तर- ईसा की 8वीं-11वीं सदियों में नागरी लिपि पूरे देश में व्याप्त थी। अतः उस समय यह एक सार्वदेशिक लिपि थी।

प्रश्न 5. उत्तर भारत में किन शासकों के प्राचीन नागरी लेख प्राप्त होते हैं? (पाठ्य पुस्तक)
उत्तर- विद्वानों का विचार है कि उत्तर भारत में मिहिरभोज, महेन्द्रपाल आदि गुर्जर प्रतिहार राजाओं के अभिलेख में पहले-पहल नागरी लिपि के लेख प्राप्त होते हैं।

प्रश्न 6. देवनागरी लिपि के अक्षरों में स्थिरता कैसे आयी है ?  (Text Book, 2015A)
उत्तर- करीब दो सदी पहले पहली बार देवनागरी लिपि के टाइप बने और इसमें पुस्तकें छपने लगी। इस प्रकार ही देवनागरी लिपि के अक्षरों में स्थिरता आयी है।

प्रश्न 7.गुर्जर प्रतिहार कौन थे? (Text Book)                                                    
उत्तर- विद्वानों का विचार है कि गुर्जर-प्रतिहार बाहर से भारत आए थे। ईसा की आठवीं सदी के पूवार्द्ध में अवंती प्रदेश में इन्होंने अपना शासन स्थापित किया और बाद में कन्नौज पर भी अधिकार कर लिया था। मिहिरभोज, महेन्द्रपाल आदि प्रख्यात प्रतिहार शासक हुए।

प्रश्न 8. ब्राह्मी और सिद्धम लिपि की तुलना में नागरी लिपि की मुख्य पहचान क्या है? (Text Book)
उत्तर- गुप्तकाल की ब्राह्मी लिपि तथा उसके बाद की सिद्धम लिपि के अक्षरों के सिरों पर छोटी आड़ी लकीरें या छोटे ठोस तिकोन हैं। लेकिन नागरी लिपि की मुख्य पहचान यह है कि इसके अक्षरों के सिरों पर पूरी लकीरें बन जाती हैं और ये सिरां रेखाएँ उतनी ही लम्बी रहती हैं जितनी की अक्षरों की चौड़ाई होती है।

प्रश्न 9, नागरी को देवनागरी क्यों कहते हैं ? लेखक इस संबंध में क्या बताता है? (Text Book, 2013C, 2015C)
उत्तर- नागरी नाम की उत्पत्ति तथा इसके अर्थ के बारे में विद्वानों में बड़ा मतभेद है। एक मत के अनुसार गुजरात के नागर ब्राह्मणों ने पहले-पहल नागरी लिपि का इस्तेमाल किया। इसलिए इसका नाम नागरी पड़ा। एक दूसरे मत के अनुसार बाकी नगर सिर्फ नगर है, परन्तु काशी देवनगरी है। इसलिए काशी में प्रयुक्त लिपि का नाम देवनागरी पड़ा।

प्रश्न 10. नागरी लिपि के साथ-साथ किसका जन्म होता है ? इस संबंध में लेखक क्या जानकारी देता है ?  (Text Book)
उत्तर- नागरी लिपि के साथ-साथ अनेक प्रादेशिक भाषाओं ने भी जन्म लिया है। 8वीं-9वीं सदी से आरंभिक हिन्दी का साहित्य मिलने लग जाता है। इसी काल में आर्य भाषा परिवार की आधुनिक भाषाएँ मराठी, बँगला आदि जन्म ले रही थीं।

प्रश्न 11. नंदिनागरी किसे कहते हैं ? किस प्रसंग में लेखक ने उसका उल्लेख किया है? (Text Book)
उत्तर- दक्षिण भारत की यह नागरी लिपि नदिनागरी कहलाती थी। कोंकण के शिलाहार, मान्यखेत के राष्ट्रकूट, देवगिरि के यादव तथा विजयनगर के शासकों के लेख नंदिनागरी लिपि में है। पहले-पहल विजयनगर के राजाओं के लेखों की लिपि को ही नंदिनागरी लिपि नाम दिया गया था।

प्रश्न 12. लेखक ने पटना से नागरी का क्या संबंध बताया है? (2018A)
उत्तर- पादताडितकम् नामक एक नाटक से जानकारी मिलती है कि पाटलिपुत्र (पटना) को नगर कहते थे। यह असंभव नहीं कि यह बड़ा नगर प्राचीन गुप्तों की राजधानी पटना को देवनगर चंद्रगुप्त (द्वितीय) विक्रमादित्य का व्यक्तिगत नाम देव पर आधारित था। देवनगर की लिपि होने से भारत की प्रमुख लिपि को बाद में देवनागरी नाम दिया गया होगा।

Bahadur VVI Subjective Questions – हिन्‍दी कक्षा 10 बहादुर

इस पोस्‍ट में हमलोग बिहार बोर्ड कक्षा 10 हिन्‍दी के पाठ छ: ‘बहादुर (Bahadur VVI Subjective Questions)’ के महत्‍वपूर्ण विषयनिष्‍ठ प्रश्‍नों के उत्तर को पढ़ेंगे।

Bahadur VVI Subjective Questions

Bahadur VVI Subjective Questions Hindi Chapter 6 बहादुर
लेखक-अमरकांत

लघु-उत्तरीय प्रश्न (20-30 शब्दों में)____दो अंक स्तरीय
प्रश्न 1. बहादुर के आने से लेखक के घर और परिवार के सदस्यों पर कैसा प्रभाव पड़ा? (Text Book, 2013C)
उत्तर- बहादुर के आने से घर के सदस्यों को आराम मिल रहा था। घर खूब साफ और चिकना रहता। सभी कपड़े चमाचम सफेद दिखाई देते। निर्मला की तबीयत काफी सुधर गई।

प्रश्न 2. अपने शब्दों में पहली बार दिखे बहादुर का वर्णन कीजिए। (पाठ्य पुस्तक, 2011A)
उत्तर- पहली बार दिखे बहादुर की उम्र बारह-तेरह वर्ष की थी। उसका रंग गोरा, मुँह चपटा एवं शरीर ठिगना चकैठ था । वह सफेद नेकर, आधी बाँह की सफेद कमीज और भूरे रंग का पुराना जूता पहने था।

प्रश्न 3. निर्मला को बहादुर के चले जाने पर किस बात का अफसोस हुआ? (पाठ्य पुस्तक, 2011A)
उत्तर- जब रिश्तेदार की सच्चाई का आभास हुआ और यह बात समझ में आ गई कि बहादुर निर्दोष था तब निर्मला को अफसोस हुआ। वह यह सोचकर अफसोस कर रही थी कि वह बिना बताये क्यों चला गया।

प्रश्न 4. साले साहब से लेखक को कौन-सा किस्सा असाधारण विस्तार से सुनना पड़ा? (पाठ्य पुस्तक)
उत्तर- लेखक को साले साहब से एक दुखी लड़का का किस्सा असाधारण विस्तार से सुनना पड़ा। किस्सा था कि बहादुर नेपाली था, उसका बाप युद्ध में मारा गया था और उसकी माँ सारे परिवार का भरण-पोषण करती थी।

प्रश्न 5. बहादुर पर ही चोरी का आरोप क्यों लगाया जाता है और उस पर इस आरोप का क्या असर पड़ता है? (Text Book, 2017A)
उत्तर- रिश्तेदार ने सोचा कि नौकर पर आरोप लगाने से लोगों को लगेगा कि ऐसा हो सकता है। बहादुर इस आरोप से बहुत दुःखी होता है। उसके अंतरात्मा पर गहरी चोट लगती है। उस दिन से वह उदास रहने लगता है।

प्रश्न 6, बहादुर अपने घर से क्यों भाग गया था?(Text Book, 2017A)                                                     

उत्तर- एक बार बहादुर ने अपनी माँ की प्यारी भैंस को बहुत मारा। माँ ने भैंस की मार का काल्पनिक अनुमान करके एक डंडे से उसकी दुगुनी पिटाई की। लड़के का मन माँ से फट गया और वह चुपके से कुछ रुपया लिया और घर से भाग गया।
उत्तर- एक बार बहादुर ने अपनी माँ की प्यारी भैंस को बहुत मारा। माँ ने भैंस की मार का काल्पनिक अनुमान करके एक डंडे से उसकी दुगुनी पिटाई की। लड़के का मन माँ से फट गया और वह चुपके से कुछ रुपया लिया और घर से भाग गया।

प्रश्न
7. ’बहादुर’ का चरित-चित्रण करें।

उत्तर- ’बहादुर’ कहानी का नायक है। उम्र तेरह-चौदह है। ठिगना कद, गोरा शरीर और चपटे मुंह वाला बहादुर अपनी माँ की उपेक्षा और प्रताड़ना का शिकार है। अपने काम में चुस्त-दुरुस्त और फुर्तीला है। मानवीय भावनाएँ हैं, सबसे बड़ी बात है कि वह स्वाभिमानी और ईमानदार है।

प्रश्न 8. किन कारणों से बहादुर ने एक दिन लेखक का घर छोड़ दिया?(Text Book, 2016C)
उत्तर- लेखक के घर में प्रारंभ में बहादुर को अच्छा से रखा गया। कुछ समय पश्चात् पत्नी एवं पुत्र दोनों उसकी पिटाई बात-बात पर कर देते थे। एक रिश्तेदार के कारण लेखक ने भी बहादुर की पिराई कर दी। बार-बार प्रताड़ित होने से एवं मार खाने के कारण एक दिन अचानक बहादुर भाग गया।

प्रश्न 9. कहानीकार ’अमरकान्त’ को क्यों लगता है कि नौकर रखना बहुत जरूरी हो गया था? (Text Book, 2012C)
उत्तर- लेखक की पत्नी निर्मला सबेरे से शाम तक खटती रहती थीं। सभी रिश्तेदारों के यहाँ नौकर देखकर लेखक को उनसे जलन भी हुई थी। नौकर नहीं होने के कारण लेखक और उसकी पत्नी लगभग अपने को अभागे समझने लगे थे। इन परिस्थितियों में नौकर रखना बहुत जरूरी हो गया था।

प्रश्न 10. लेखक को क्यों लगता है कि जैसे उस पर एक भारी दायित्व आ गया हो?(Text Book)
उत्तर- लेखक के घर में ऐसा वातावरण उपस्थित हो गया था जिससे लगता था कि लेखक को नौकर रखना अब बहुत जरूरी है। लेकिन नौकर कैसा हो और कहाँ मिलेगा यही प्रश्न लेखक को एक भारी दायित्व के रूप में

प्रश्न 11. बहादुर के नाम से ’दिल’ शब्द क्यों उड़ा दिया गया ? विचार करें।(Text Book)
उत्तर- प्रथम बार नाम पुछने में बहादुर ने अपना नाम दिलबहादुर बताया। यहाँ दिल शब्द का अभिप्राय भावात्मक परिवेश में है। बहादुर को उदारता से दूर कराकर मन और मस्तिष्क से केवल अपने घर के कार्यों में लीन रहने का उपदेश दिया गया । इस प्रकार से निर्मला द्वारा उसके नाम से दिल शब्द उड़ा दिया गया।

प्रश्न 12, घर आए रिश्तेदारों ने कैसा प्रपंच रचा और उसका क्या परिणाम निकला? (Text Book)
उत्तर- लेखक के घर आए रिश्तेदारों ने अपनी झूठी प्रतिष्ठा कायम करने के लिए रुपया चोरी का प्रपंच रचा । उन्होंने बहादुर पर इस चोरी का दोषारोपण किया । इस आरोप से बहादुर को पिटाई लगी। रिश्तेदार के प्रपंच के चलते लेखक के घर का काम करने वाले बहादुर के जाने की घटना घटी और घर अस्त-व्यस्त हो गया।

प्रश्न 13. बहादुर के चले जाने पर सबका पछतावा क्यों होता है? (Text Book, 2011C, 2013C)
उत्तर- बहादुर घर के सभी कार्य को कुशलतापूर्वक करता था। घर के सभी सदस्य को आराम मिलता था । किसी भी कार्य हेतु हर सदस्य बहादुर को पुकारते रहते थे। वह घर के कार्य से सभी को मुक्त रखता था। साथ रहते रहते सबसे हिलमिल गया था। डाट फटकार के बावजूद काम करते रहता था। यही सब कारणों से उसके चले जाने पर सबको पछतावा होता है।

प्रश्न 13. बहादुर के चले जाने पर सबका पछतावा क्यों होता है?(Text Book, 2011C, 2013C)
उत्तर- बहादुर घर के सभी कार्य को कुशलतापूर्वक करता था। घर के सभी सदस्य को आराम मिलता था । किसी भी कार्य हेतु हर सदस्य बहादुर को पुकारते रहते थे। वह घर के कार्य से सभी को मुक्त रखता था। साथ रहते रहते सबसे हिलमिल गया था। डाट फटकार के बावजूद काम करते रहता था। यही सब कारणों से उसके चले जाने पर सबको पछतावा होता है।

Parampara Ka Mulyankan VVI Subjective Questions – हिन्‍दी कक्षा 10 परम्परा का मुल्यांकन

इस पोस्‍ट में हमलोग बिहार बोर्ड कक्षा 10 हिन्‍दी के पाठ सात ‘ परम्परा का मुल्यांकन (Parampara Ka Mulyankan VVI Subjective Questions)’ के महत्‍वपूर्ण विषयनिष्‍ठ प्रश्‍नों के उत्तर को पढ़ेंगे।

Parampara Ka Mulyankan VVI Subjective Questions

Parampara Ka Mulyankan VVI Subjective Questions Hindi Chapter 7 परम्परा का मुल्यांकन

लेखक-रामविलास शर्मा

लघु-उत्तरीय प्रश्न (20-30 शब्दों में)____दो अंक स्तरीय

प्रश्न 1. साहित्य सापेक्ष रूप से स्वाधीन क्यों होता है?  (2018C)

उत्तर- साहित्य सापेक्ष रूप में स्वाधीन इसलिए होता है क्योंकि यह मनुष्य और परिस्थितियों के द्वन्द्वात्मक सम्बन्ध पर निर्भर करता है, किसी एक पर नहीं।

प्रश्न 2. लेखक के अनुसार आदर्श समाज में किस प्रकार की गतिशीलता होनी चाहिए ? (2018A)

उत्तर- लेखक के अनुसार आदर्श समाज में इतनी गतिशीलता होनी चाहिए जिसमें कोई भी वांछित परिवर्तन समाज में एक छोर से दूसरे छोर तक संचारित हो सके।

प्रश्न 3. परंपरा का ज्ञान किनके लिए सबसे ज्यादा आवश्यक है और क्यों ? (पाठ्य पुस्तक, 2015A, 2015C, 2016C, 2014C) उत्तर- जो लोग साहित्य में युग परिवर्तन करना चाहते हैं, क्रांतिकारी साहित्य रचना चाहते हैं, उनके लिए साहित्य की परंपरा का ज्ञान आवश्यक है। क्योंकि साहित्य की परंपरा से प्रगतिशील आलोचना का ज्ञान होता है जिससे साहित्य की धारा को मोड़कर नए प्रगतिशील साहित्य का निर्माण किया जा सकता है।

प्रश्न 4. किस तरह समाजवाद हमारी राष्ट्रीय आवश्यकता है? इस प्रसंग में लेखक के विचारों पर प्रकाश डालें। (पाठ्य पुस्तक)

उत्तर- लेखक के अनुसार पूँजीवादी व्यवस्था में शक्ति का अपव्यय होता है। देश के साधनों का सबसे अच्छा उपयोग समाजवादी व्यवस्था में ही सम्भव है। अनेक छोटे-बड़े राष्ट्र समाजवादी व्यवस्था कायम करने के बाद पहले की अपेक्षा अधिक शक्तिशाली हो गए। भारत की राष्ट्रीय क्षमता का पूर्ण विकास समाजवादी व्यवस्था में ही संभव है। वास्तव में समाजवाद हमारी राष्ट्रीय आवश्यकता है।

प्रश्न 5. परंपरा के मूल्यांकन में साहित्य के वर्गीय आधार का विवेक लेखक क्यों महत्वपूर्ण मानता है? (Text Book)                                                     

उत्तर- लेखक के अनुसार परंपरा के मूल्यांकन में साहित्य के वर्गीय आधार का ज्ञान महत्वपूर्ण है। इसका मूल्यांकन करते हुए सबसे पहले हम उस साहित्य का मूल्य निर्धारित करते हैं जो शोषक वर्गों के विरुद्ध जनता के हितों को प्रतिविम्बित करता है। इसके साथ हम उस साहित्य पर ध्यान देते हैं जिसकी रचना का आधार शोषित जनता का श्रम है।

प्रश्न 5. परंपरा के मूल्यांकन में साहित्य के वर्गीय आधार का विवेक लेखक क्यों महत्वपूर्ण मानता है? (Text Book)                                                     

उत्तर- लेखक के अनुसार परंपरा के मूल्यांकन में साहित्य के वर्गीय आधार का ज्ञान महत्वपूर्ण है। इसका मूल्यांकन करते हुए सबसे पहले हम उस साहित्य का मूल्य निर्धारित करते हैं जो शोषक वर्गों के विरुद्ध जनता के हितों को प्रतिविम्बित करता है। इसके साथ हम उस साहित्य पर ध्यान देते हैं जिसकी रचना का आधार शोषित जनता का श्रम है।

प्रश्न 6. साहित्य का कौन सा पक्ष अपेक्षाकृत स्थायी होता है ? इस संबंध में लेखक की राय स्पष्ट करें। (Text Book, 2011C)

उत्तर- साहित्य मनुष्य के सम्पूर्ण जीवन से संबद्ध है। आर्थिक जीवन के अलावा मनुष्य एक प्राणी के रूप में भी अपना जीवन बिताता है। साहित्य में उसकी बहुत-सी आदिम भावनाएँ प्रतिफलित होती हैं जो उसे प्राणी मात्र से जोड़ती हैं। इस बात को बार-बार कहने में कोई हानि नहीं है कि साहित्य विचारधारा मात्र नहीं है। उसमें मनुष्य का इन्द्रिय बोध, उसकी भावनाएँ भी व्यंजित होती हैं। साहित्य का यह पक्ष अपेक्षाकृत स्थायी होता है।

प्रश्न 7. – बहुजातीय राष्ट्र की हैसियत से कोई भी देश भारत का मुकाबला क्यों नहीं कर सकता? (Text Book, 2017C)

उत्तर- संसार का कोई भी देश, बहुजातीय राष्ट्र की हैसियत से, इतिहास को ध्यान में रखें, तो भारत का मुकाबला नहीं कर सकता। यहाँ राष्ट्रीयता एक जाति द्वारा दूसरी जातियों पर राजनीतिक प्रभुत्व कायम करके स्थापित नहीं हुई। वह मुख्यतः संस्कृति और इतिहास की देन है। इस देश की तरह अन्य जगह साहित्य परंपरा का मूल्यांकन महत्वपूर्ण नहीं है। अन्य देश की तुलना में इस राष्ट्र के सामाजिक विकास में कवियों की विशिष्ट भूमिका है।

प्रश्न 8. राजनीतिक मूल्यों से साहित्य के मूल्य अधिक स्थायी कैसे होते हैं ? (Text Book)

उत्तर- लेखक कहते हैं कि साहित्य के मूल्य राजनीतिक मूल्यों की अपेक्षा अधिक स्थायी हैं। इसकी पुष्टि में अंग्रेज कवि टेनिसन द्वारा लैटिन कवि वजिल पर रचित उस कविता की चर्चा करते हैं जिसमें कहा गया है कि रोमन साम्राज्य का वैभव समाप्त हो गया पर वर्जिल के काव्य सागर की ध्वनि तरंगें हमें आज भी सुनाई देती हैं और हदय को आनन्दित कर देती है।

प्रश्न 9. भारत की बहुजातीयता मुख्यतः संस्कृति और इतिहास की देन है। कैसे? (Text Book)

उत्तर- भारतीय सामाजिक विकास में व्यास और वाल्मीकि जैसे कवियों की विशेष भूमिका रही है। महाभारत और रामायण भारतीय साहित्य की एकता स्थापित करती है। इस देश के कवियों ने अनेक जाति को अस्मिता के सहारे यहाँ की संस्कृति का निर्माण किया है। भारत में विभिन्न जातियों का मिला-जुला इतिहास रहा है। समरसता स्थापित करना सिखाया है। यही भाव राष्ट्रीयता की जड़ को मजबूत किया है।

Jit Jit Mai Nirkhat Hun VVI Subjective Questions – हिन्‍दी कक्षा 10 जित-जित मैं निरखत हूँ

इस पोस्‍ट में हमलोग बिहार बोर्ड कक्षा 10 हिन्‍दी के पाठ आठ ‘जित-जित मैं निरखत हूँ (Jit Jit Mai Nirkhat Hun VVI Subjective Questions)’ के महत्‍वपूर्ण विषयनिष्‍ठ प्रश्‍नों के उत्तर को पढ़ेंगे।

Jit Jit Mai Nirkhat Hun VVI Subjective Questions

Jit Jit Mai Nirkhat Hun VVI Subjective Questions जित-जित मैं निरखत हूँ
लेखक-बिरजू महाराज

लघु-उत्तरीय प्रश्न (20-30 शब्दों में)____दो अंक स्तरीय
प्रश्न 1. बिरजू महाराज कौन-कौन से वाद्य बजाते थे(Text Book)
उत्तर-बिरजू महाराज सितार, गिटार, हारमोनियम, बाँसुरी इत्यादि वाद्य यंत्र बजाते थे।

प्रश्न 2. किनके साथ नाचते हुए बिरजू महाराज को पहली बार प्रथम पुरस्कार मिला? (Text Book)
उत्तर- शम्भू महाराज चाचाजी एवं बाबूजी के साथ नाचते हुए बिरजू महाराज को पहली बार प्रथम पुरस्कार मिला।

प्रश्न 3. लखनऊ और रामपुर से बिरजू महाराज का क्या संबंध है? (पाठ्य पुस्तक, 2012A)
उत्तर- बिरजू महाराज का जन्म लखनऊ में हुआ था । रामपुर में महाराज जी का अत्यधिक समय व्यतीत हुआ था एवं वहाँ विकास का सुअवसर मिला था।

प्रश्न 4. नृत्य की शिक्षा के लिए पहले-पहल बिरजू महाराज किस संस्था से जुड़े और वहाँ किनके संपर्क में आए? (पाठ्य पुस्तक)
उत्तर- नृत्य की शिक्षा के लिए पहले-पहल बिरजू महाराज जी दिल्ली में हिन्दुस्तानी डान्स म्यूजिक से जुड़े और वहाँ निर्मला जी जोशी के संपर्क में आए।

प्रश्न 5. कलकत्ते के दर्शकों की प्रशंसा का बिरजू महाराज के नर्तक जीवन पर क्या प्रभाव पड़ा? (पाठ्य पुस्तक, 2013C)
उत्तर- कलकत्ते के एक कांफ्रेंस में महाराज जी नाचे। उस नाच की कलकत्ते की ऑडियन्स ने प्रशंसा की। तमाम अखबारों में छा गये। वहाँ से इनके जीवन में एक मोड़ आया। उस समय से निरंतर आगे बढ़ते गये।

प्रश्न 6. बिरजू महाराज अपना सबसे बड़ा जज किसको मानते थे? अथवा, बिरजू महाराज अपना सबसे बड़ा जज अपनी माँ को क्यों मानते थे? (Text Book, 2018A)
उत्तर- बिरजू महाराज अपना सबसे बड़ा जज अपनी अम्मा को मानते थे। जब वे नाचते थे और अम्मा देखती थी तब वे अम्मा से अपनी कमी या अच्छाई के बारे में पूछा करते थे। उसने बाबूजी से तुलना करके इनमें निखार लाने का काम किया।

7. संगीत भारती में बिरजू महाराज की दिनचर्या क्या थी? (Text Book)
उत्तर- संगीत भारती में प्रारंभ में 250 रु0 मिलते थे। उस समय दरियागंज में रहते थे। वहाँ से प्रत्येक दिन पाँच या नौ नंबर का बस पकड़कर संगीत भारती पहुँचते थे। संगीत भारती में इन्हें प्रदर्शन का अवसर कम मिलता था। अंततः दुःखी होकर नौकरी छोड़ दी।

प्रश्न 8. अपने विवाह के बारे में बिरजू महाराज क्या बताते हैं? (Text Book)
उत्तर- बिरजू महाराज की शादी 18 साल की उम्र में हुई थी। उस समय विवाह करना महाराज अपनी गलती मानते हैं। लेकिन बाबूजी की मृत्यु के बाद माँ घबराकर जल्दी में शादी कर दी। शादी को नुकसानदेह मानते हैं। विवाह की वजह से नौकरी करते रहे।

प्रश्न 9. बिरजू महाराज के गुरु कौन थे? उनका संक्षिप्त परिचय दें। (Text Book, 2013A, 2014A)
उत्तर- बिरजू महाराज के गुरु उनके बाबूजी थे। वे अच्छे स्वभाव के थे। वे अपने दुःख को व्यक्त नहीं करते थे। उन्हें कला से बेहद प्रेम था। जब बिरजू महाराज साढ़े नौ साल के थे, उसी समय बाबूजी की मृत्यु हो गई। महाराज को तालीम बाबूजी ने ही दिया।

प्रश्न 10. शम्भू महाराज के साथ बिरजू महाराज के संबंध पर प्रकाश डालिए। (Text Book, 2013C)
उत्तर- शंभू महाराज के साथ बिरजू महाराज बचपन में नाचा करते थे। आगे भारतीय कला केन्द्र में उनका सान्निध्य मिला। शम्भू महाराज के साथ सहायक रहकर कला के क्षेत्र में विकास किया। शम्भू महाराज उनके चाचा थे। बचपन से महाराज को उनका मार्गदर्शन मिला।

प्रश्न 11. बिरजू महाराज की कला के बारे में आप क्या जानते हैं? (2016C)
उत्तर- बिरजू महाराज नृत्य की कला में माहिर थे। वे नाचने की कला के मर्मज्ञ थे। बचपन से नाचने का अभ्यास करते थे और कला का सम्मान करते थे। इसलिए, उनका नृत्य देशभर में सम्मानित था। वे सिर्फ कमाई के लिए नृत्य नहीं करते थे बल्कि कला-प्रदर्शन उनका सही लक्ष्य था।

प्रश्न 12. रामपुर के नवाब की नौकरी छुटने पर हनुमान जी को प्रसाद क्यों चढ़ाया? (Text Book)
उत्तर- रामपुर के नवाब की नौकरी छुटने पर हनुमान जी को प्रसाद चढ़ाया क्योंकि महाराज जी छह साल की उम्र में नवाब साहब के यहाँ नाचते थे। अम्मा परेशान थी। बाबूजी नौकरी छूटने के लिए हनुमान जी का प्रसाद माँगते थे। नौकरी से जान छुटी इसलिए हनुमान जी को प्रसाद चढ़ाया गया।

प्रश्न 13. बिरजू महाराज की अपने शार्गिदों के बारे में क्या राय है? (Text Book 2014A)
उत्तर- बिरजू महाराज अपने शिष्या रश्मि वाजपेयी को भी अपना शार्गिद बताते हैं। वे उन्हें शाश्वती कहते हैं। इसके साथ ही वैरोनिक, फिलिप, मेक्लीन, टॉक, तीरथ प्रताप, प्रदीप, दुर्गा इत्यादि को प्रमुख शार्गिद बताए हैं। वे लोग तरक्की कर रहे हैं, प्रगतिशील बने हुए हैं, इसकी भी चर्चा किये हैं।

प्रश्न 14. पुराने और आज के नर्तकों के बीच बिरजू महाराज क्या फर्क पाते हैं? (पाठ्य पुस्तक)
उत्तर- पुराने नर्तक कला प्रदर्शन करते थे। कला प्रदर्शन शौक था। साधन के अभाव में भी उत्साह होता था। कम जगह में गलीचे पर गड्ढा, खाँचा इत्यादि होने के बावजूद बेपरवाह होकर कला प्रदर्शन करते थे। लेकिन आज के कलाकार मंच की छोटी-छोटी गलतियों को ढूँढ़ते हैं। चर्चा का विषय बनाते हैं।

प्रश्न 15. बिरजू महाराज के जीवन में सबसे दुःखद समय कब आया? उससे संबंधित प्रसंग का वर्णन कीजिए। (पाठ्य पुस्तक)
उत्तर- जब महाराज जी के बाबूजी की मृत्यु हुई तब उनके लिए बहुत दुखदायी समय व्यतीत हुआ। घर में इतना भी पैसा नहीं था कि दसवाँ किया जा सके। इन्होंने दस दिन के अन्दर दो प्रोग्राम किए। उन दो प्रोग्राम से 500 रु० इकट्ठे हुए तब दसवाँ और तेरह की गई। ऐसी हालत में नाचना एवं पैसा इकट्ठा करना महाराजजी के जीवन में दुःखद समय आया ।।

Machhli VVI Subjective Questions – हिन्‍दी कक्षा 10 मछली

इस पोस्‍ट में हमलोग बिहार बोर्ड कक्षा 10 हिन्‍दी के पाठ दस ‘मछली (Machhli VVI Subjective Questions)’ के महत्‍वपूर्ण विषयनिष्‍ठ प्रश्‍नों के उत्तर को पढ़ेंगे।

Machhli VVI Subjective Questions

Machhli VVI Subjective Questions Hindi Chapter 10 मछली
लेखक -विनोद कुमार शुक्ल

लघु-उत्तरीय प्रश्न (20-30 शब्दों में)____दो अंक स्तरीय
प्रश्न 1. मछली को छूते हुए संतू क्यों हिचक रहा था(Text Book 2015A)
उत्तर- संतू मछलियों को छूते हुए हिचक रहा था, क्योंकि उसे डर था कि मछली काट लेगी।
प्रश्न 2. संतू मछली लेकर क्यों भागा? (2018A)
उत्तर- संतु मछली लेकर कुएँ में डालने के लिए भागा ताकि मछली जिन्दा होकर बड़ी हो जाए।
प्रश्न 3. मछलियाँ लिए घर आने के बाद बच्चों ने क्या किया? (Text Book)
उत्तर- मछलियों घर लाने के बाद बच्चों ने नहानघर में भरी हुई बाल्टी को आधी करके उसमें मछलियों को रख दिया।
प्रश्न 4. मछलियों को लेकर बच्चों की अभिलाषा क्या थी ? (पाठ्य पुस्तक)
उत्तर- मछलियों को लेकर बच्चों के मन में अभिलाषा थी कि एक मछली पिताजी से माँगकर उसे कुएँ में डालकर बहुत बड़ी करेंगे।
प्रश्न 5. झोले में मछलियाँ लेकर बच्चे दौड़ते हुए पतली गली में क्यों घुस गए? (पाठ्य पुस्तक)
उत्तर- झोले में मछलियाँ लेकर बच्चे दौड़ते हुए पतली गली में घुस गए, क्योंकि इस गली में घर नजदीक पड़ता था। दूसरे रास्तों में बहुत भीड़ थी।
प्रश्न 6. दीदी कहाँ थी और क्या कर रही थी? (पाठ्य पुस्तक)
उत्तर- दीदी घर के एक कमरे में थी । वह लेटी हुई थी और सिसक-सिसककर रो रही थी। वह बार-बार हिचकी ले रही थी जिससे उसका शरीर सिहर उठता था।
प्रश्न 7, मछली के बारे में दीदी ने क्या जानकारी दी थी? बच्चों ने उसकी परख कैसे की? (पाठ्य पुस्तक)
उत्तर- मछली के बारे में दीदी ने जानकारी दी थी कि मरी हुई मछली की आँख में अपनी परछाई नहीं दिखती है। बच्चों ने उसकी परख एक मृत मछली की आँख में झाँककर की।
प्रश्न 8, संतू क्यों उदास हो गया ? (Text Book)
उत्तर- संतू यह जानकर उदास हो गया था कि मछली कुछ देर बाद कट जायेगी। वह मछली को जीवित पालना चाहता था। मछली को विछुड़ते हुए जानकर वह दुःखी हो गया।
प्रश्न 9. अरे-अरे कहता हुआ भग्गू किसके पीछे भागा और क्यों ? (Text Book)
उत्तर- अरे अरे कहता हुआ भग्गू संतू के पीछे भागा क्योंकि संतू एक मछली को लेकर भाग रहा था। भग्गू को डर था कि संतु मछली को कुओं में डाल देगा जिसके चलते उसे डांट पड़ेगी। संतू से मछली लेने के लिए वह उसके पीछे भागा ।
प्रश्न 10. घर में मछली कौन खाता था और वह कैसे बनायी जाती थी? (Text Book)
उत्तर- घर में मछली केवल पिताजी खाते थे। मछली को उस घर का नौकर काटता था। उसे काटने के लिए अलग पाया था। पहले मछली को पत्थर पर पटककर मार दिया जाता था, फिर राख से मलने के बाद पाटा पर रखकर चाकु से काटा जाता था। मछली बनाने का कार्य नहानघर में होता था।
प्रश्न 11. मछली और दीदी में क्या समानता दिखलाई पड़ी? स्पष्ट करें। (Text Book 2013,C 2014A)
उत्तर- आदमी के चंगुल में आकर मछली कटने को विवश थी। पानी के अभाव में अंगोछा में लिपटी मछली लहरा रही थी। दीदी कमरा में करवट लिए, पहनी हुई साड़ी को सर तक ओड़े, सिसक-सिसक कर रो रही थी। हिचकी लेते ही दीदी का पूरा शरीर सिहर उठता था। दीदी का सिहरना एवं मछली का लहराना दोनों में समानता दिखलाई पड़ी।
प्रश्न 12. पिताजी किससे नाराज थे और क्यों? (Text Book 2013C)
उत्तर- पिताजी नरेन से नाराज थे। क्योंकि, बच्चों मछलियों के चलते स्वयं परेशान रहे साथ ही भग्गू को भी परेशान किया। बच्चे मछली को पालना चाहते थे, कोमल मछली को कटते देख विह्वल हो उठा और बच्चा एक मछली को लेकर भाग गया। पीछे-पीछे भग्गू को भागना पड़ा। छीना-झपटी की स्थिति आई। पिताजी इन हरकतों के कारण नाराज हुए।